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China- An Invitation to Fight Via Mosquito Messenger

Poetry By: praveen gola
Humor


Tags: Funny, Poem


In this Poem Writer is describing Chinese strategy for business in India. Earlier Chinese sold toys & electronic items but now mosquito rackets.


Submitted:May 2, 2013    Reads: 8    Comments: 0    Likes: 0   


Toys-shop-chinese

तेज़ दिमाग वाले कहलाते हैं ,

ये चीनी-चीनी भाई ,
आओ तुम्हे बतलायें हम ,
इनकी कारीगरी की चतुराई ।

पहले मेलजोल बढ़ा कर इन्होने ,
हमसे व्यापार बढ़ाया ,
फिर धीरे-धीरे से देखो यहाँ ,
चीनी बाजार सजाया ।

चीनी बर्तन …चीनी खिलौने ,

चीनी मोबाइल भी आए ,
बिन गारंटी दिए ही इन्होने ,
सस्ता सामान कर ग्राहक लुभाए ।

भोले-भाले से हम देसी ,
कैसे इनकी मीठी बातों में आए ,
"चाइना बाजार" के outlet खरीद ,
इनके सामान को पब्लिक तक पहुँचाए ।

मगर कुछ दिनों बाद लोगों की समझ में ,

अब ये ख़याल भी आए ,
कि क्यूँ हम खरीदें "Chinese" सामान ,
जब वही हमारे देश वाले गारंटी के साथ दिखलाएं ।

और फिर अचानक से ठंडा पर गया ,,
चीनियों का व्यापार ,
जहां बिकते थे हज़ारों सामान कभी ,
उनकी गिनती रह गयी अब केवल चार ।

ऐसी दशा को देखकर फिर से ,

चीनियों का गुस्सा भरमाया ,
एक और तरकीब लगाकर उन्होंने ,
अपने व्यापार को फिर से आगे बढ़ाया ।

मगर अबकी बार जो चाल चली ,
उसका कोई तोड़ नहीं था ,
मजबूरी कहो या नई Technology,
बस सबके हाथों में जोश भरा था ।

ऐसे निडर और निराले मच्छर ,

पहले नहीं देखे थे ,
मगर इस साल तो उन मच्छरों के ,
चेहरों पर भी "चीनी" label लगे थे ।

हर उपाय करके देखा ,
मगर मच्छरों ने दम नहीं तोड़ा ,
और फिर आखिर में लेना पड़ा सबको ,
चीनी मच्छर मार खिलौना ।

बिन गारंटी का था ये रैकिट ,

जो चीनी दिमाग की रचना थी ,
चार्ज करो और मच्छर मारो ,
ऐसी सुलभ सेवा थी ।

जब-जब मच्छर जाली में फँसता ,
हमारे दिल से "वाह" निकलता ,
कैसी बढ़िया है ये नई तकनीक ,
जो थी सच में एकदम Unique .

मगर एक महीने बाद ही ,

उस खिलौने ने अपनी औकात दिखाई ,
बिन गारंटी का वो रैकिट अब ,
अपनी अंतिम साँसें लेने लगा था भाई ।

इतनी जल्दी से खराब हो गया ,
सारा पैसा बर्बाद हो गया ,
फिर से लाना पड़ेगा क्या अब एक और खिलौना ,
जो मच्छरों को मारने का है नया फ़ॉर्मूला ?

सोच-सोच कर यही परेशानी,
नींद उडी अब हमारी तूफानी ,
तभी हमारी समझ में ये आया ,
कि चीनी होते नहीं हैं कभी विश्वसनीय छाया ।

अब समझे हम उनके उस रैकिट की माया ,
कि रैकिट बेचने के लिए ,
उन्होंने मच्छरों का ……
एक नया संसार बनाया ।

बस तभी से हमने नाम दिया ,
उस देश को एक Unique ,
मच्छर -छोड़ चीनी देश …..
जो बेचता है हमें अपनी नई तकनीक ।

वो चीन नहीं है …..
वो है एक ऐसा अजीब देश ,
जो मच्छरों के बहाने से दे रहा है ,
हमको लड़ने का एक नया सन्देश ॥





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