Welcome Visitor: Login to the siteJoin the site

A Life Without Him

Poetry By: praveen gola
Literary fiction


Tags: Love


This love poem in Hindi describes pain of living without lover. Without him, she finds life to be deep dark moat and without love crossing it is impossible


Submitted:Mar 23, 2013    Reads: 6    Comments: 0    Likes: 0   


Heart, Blood, Fade

उसके बिना जी कर देखा …. तो मैंने पाया ,
कि जैसे रातों की एक लम्बी -गहरी सी खाई है ।
जहाँ सुकून और चैन खो गए ,
बस आँखों में एक काली गहरी सी स्याही है ।

उसके बिना जी कर देखा …. तो मैंने पाया ,
कि जैसे रातों की एक लम्बी -गहरी सी खाई है ।

तन्हाईयों में जीने का …..
एक हाथ जो थामा था उसने ,
उस हाथ की ही रेखायों में ,
तकदीर छिनने की रेखा उभर आई है ।

उसके बिना जी कर देखा …. तो मैंने पाया ,
कि जैसे रातों की एक लम्बी -गहरी सी खाई है ।

होठों पर देकर इतनी मुस्कुराहट ,
अब सीने में ही कहीं दफनाई है ,
एक शिकन की रेखा मेरे चेहरे पर ,
न जाने फिर से क्यूँ नज़र आई है ।

उसके बिना जी कर देखा …. तो मैंने पाया ,
कि जैसे रातों की एक लम्बी -गहरी सी खाई है ।

धड़कने धड़कते -धड़कते ……
धडकनों से ही वापस टकराई हैं ,
न जाने क्यूँ इन धडकनों ने भी ,
अब न धड़कने की कसम खाई है ।

उसके बिना जी कर देखा …. तो मैंने पाया ,
कि जैसे रातों की एक लम्बी -गहरी सी खाई है ।

वो आवारगी …वो तिश्नगी ……वो दीवानगी ,
सब दो दिन की मेहमान नज़र आई है ,
एक मासूम से चेहरे पर अब तो ,
एक कठोरता की लहर दौड़ आई है ।

उसके बिना जी कर देखा …. तो मैंने पाया ,
कि जैसे रातों की एक लम्बी -गहरी सी खाई है ।

बहुत मुश्किल होता है अक्सर ,
वापस आना अपने उड़ते हुए ख्यालों से ,
एक दर्द ऐसा होता है तब ,
जिसमे कई ज़ख्मों की गहराई है ।

उसके बिना जी कर देखा …. तो मैंने पाया ,
कि जैसे रातों की एक लम्बी -गहरी सी खाई है ।

बैरी बन गया सारा ज़माना ,
जिसे मैंने दो पल की ख़ुशी भी ….न अब तक दिखाई है ,
फिर भी उसके बिना जीने की ,
हर कसम उसने मुझसे खिलवाई है ।

उसके बिना जी कर देखा …. तो मैंने पाया ,
कि जैसे रातों की एक लम्बी -गहरी सी खाई है ।

जी चाहता है कि आग लगा दूँ ,
हर उस ठौर-ठिकाने को ,
जहाँ बन के मसीहा वो रहता है ,
और उसकी मसीहत में …..मेरे इश्क की तड़प समाई है ।।





0

| Email this story Email this Poetry | Add to reading list



Reviews

About | News | Contact | Your Account | TheNextBigWriter | Self Publishing | Advertise

© 2013 TheNextBigWriter, LLC. All Rights Reserved. Terms under which this service is provided to you. Privacy Policy.