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Holi- Colours Of Decorum

By: praveen gola

Page 1, Hindi poem on festival of Holi gives message that Maintain Decorum On This Festival Of Colours...So That Relations Becomes Healthy and Prosperous !!!

अश्लील मंसूबों को साथ लिए ,
मेरा जीजा शहर से आया था ,
होली के बहाने मेरे अंगों को ,
अपने अंगों में समोने आया था ।

अनेक रंग अश्लीलता भरे ,
उसकी आँखों में थे तैर रहे ,
जिन्हें त्यौहार के बहाने से ,
वो रंगीन करने आया था ।

आवभगत उसकी करने की खातिर ,
हमने उसे दामाद से देवता बनाया था ,
छत्तीसों पकवानों का भोज बना ,
मैंने अपने हाथों से उसके आगे सजाया था ।

ना जाने क्यों उसके मंसूबों को ,
मैंने भोज के दौरान भाँपा था ,
जब भोजन की थाली परोसते हुए ,
उसने मेरे यौवन में झाँका था ।

बहुत अचंभित थी मैं ये सोच ,
उसकी ऐसी मानसिकता को खोज,
पर चारा अब बाकी ना था कोई ,
यही सोच मन मारा था ।

अगले दिन सुबह हुई रंगीन ,
सब सखियाँ होली खेलें रिम-झिम ,
त्यौहार की इस पावन बेला पर ,
हर्षित हो रहा था मन …..ऋतु को कर रंगीन ।

इतने में जीजा भी आया,
हाथ में रंग की डिबिया दबाए ,
रंग लगाने के बहाने से देखो ,
मुझे खींच बिस्तर पर ले जाए ।

मगर इस बार मेरी बारी थी ,
उसकी अश्लील हरकत की मैंने ….की तयारी थी ,
कमरे में लगा कर कैमरे को मैंने ,
उसकी तस्वीर उतारी थी ।

अब शाम उसके वापस जाने की बारी आई ,
वो सोच रहा उसने जीत लिया मुझे …..अपनी करके चतुराई ,
दोनों हाथों में लड्डू लेकर ,
वो करने लगा मुझसे विदाई ।

मैंने उसको सबके सामने बिठाया ,
कैमरे का विडियो खुले आम चलाया ,
फिर बोली मैं उससे ,”ओ शहरी जीजा “,
त्यौहार का असली मज़ा तो देख अब आया ।

रिश्तों को बदनाम यूँ करके ,
त्यौहार मनाने का ढोंग रचके ,
अपनी गन्दी मानसिकता को दिखाने ,
क्यूँ आये तुम रावण बनके?

अब इस विडियो को साथ ले जायो ,
जीवर भर इसे देख पछतायो ,
कि एक ही साली थी मेरी कभी ,
जिसने होली पर मुझे नग्न करायो ।

अगले साल ससुराल जरूर आना ,
पर मेरा दिया तोहफा भूल न जाना ,
कि रिश्तों को मर्यादा में रखकर ही ,
त्यौहार का भरपूर लुफ्त उठाना ।

सुनकर मेरी बातें वो शर्म से ,
खड़ा रहा अपना सर झुकाए ,
जिन आँखों में थे सुबह रंग अश्लील ,
वो अब बेचारी बेरंग नज़र आएँ ।

जाते-जाते बस वो इतना बोला ,
कि अब लौट कर ना आयूँगा फिर से दुबारा ,
होली के इस त्यौहार को मैंने समझा अब तक ,
वासनायों के रंगों का ही खेल सारा ।।

A Message To All-

Maintain Decorum On This Festival Of Colours…So That Relations Becomes Healthy and Prosperous !!!

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