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pahadi bhajan

Poetry By: milap singh
Poetry



bhgvan ram ko arpit ye bhajan phadi bhasha me likha gya hai


Submitted:Feb 12, 2013    Reads: 7    Comments: 0    Likes: 0   


मेरा बेडा भी पार लगायो

तुसी तारे ने पत्थर भी राम जी

लोक ता लांदे ने जग ते लंगर

मुट्ठी नई नाजे दी मेरे अंदर

घर मेरे भी भोग लगायो

तुसी तारे ने गरीब भी राम जी

मेरा बेडा भी पार लगायो

तुसी तारे ने पत्थर भी राम जी

लोक ता जांदे ने मंदर-द्वारे

किराया नी जेब म़ा,रूपया मेरे

कदी मुंजो भी दर्श दिखायो

तुसी तारे ने गरीब भी राम जी

मेरा बेडा भी पार लगायो

तुसी तारे ने पत्थर भी राम जी

लोक चढांदे ने सोना ते चांदी

मेरे ता हिरदे म़ा बस श्रधा ही आंदी

मेरी श्रधा रा मुल भी जी पायो

तुसी तारे ने पत्थर भी राम जी

मेरा बेडा भी पार लगायो

तुसी तारे ने पत्थर भी राम जी

मिलाप सिंह भरमौरी





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