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Uske Shehar Mein Baarish -- A Hindi Poem

Poetry By: Vikas Sharma
Poetry



Weather Bulletin tells me Its raining in her city ... so my take on it


Submitted:Jan 3, 2013    Reads: 35    Comments: 1    Likes: 2   


उसके शहर में बारिश

मौसम का हाल सुंनाने वाला कह रहा था
आज उसके शहर में बारिश है
कल रात वह बातों से उदास लग रहा था
जैसे अधूरी उसकी कोई ख्वाइश है

क्या रात भर वो न सोया होगा ?
तकिये में सर छुपा के रोया होगा ?
क्या उसने अधूरी को पूरी करने की ठानी होगी ?
या ख्वाइश और उम्मीद दोनों ही छोड़ दी होंगी ?

क्या उसने भी मौसम का हाल सुना होगा ?
दो दिन की बारिश के बाद खिलेगी धूप यह सुना होगा ?
अधूरी को पूरी करने के लिए हिम्मत जुटाई होगी ?
या अपने को हर खवाइश होती नहीं पूरी यह बात समझाई होगी ?

बहरहाल अभी तो वहां बारिश होगी
काले मेघों ने आसमान पर ड़ाला डेरा होगा
पर जब वहां धूप खिली होगी
तो हर तरफ और शायद उसके मन में भी उजाला होगा ........





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